रैन बसेरा

हक बात, बुलन्द आवाज

45 Posts

78 comments

M. Afsar Khan


Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.

Sort by:

सागर उवाच – प्रोफेशनल बहू चाहिए!

Posted On: 1 Dec, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

Others में

5 Comments

बोल की लब आजाद हैं तेरे…?

Posted On: 25 Nov, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (6 votes, average: 4.83 out of 5)
Loading ... Loading ...

Others में

22 Comments

सागर उवाच

Posted On: 12 Nov, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (1 votes, average: 5.00 out of 5)
Loading ... Loading ...

Others में

2 Comments

जिम्मेदारों को सजा मिलेगी?

Posted On: 8 Nov, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

Others में

0 Comment

मेला

Posted On: 24 Oct, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

Others में

1 Comment

बिन पानी सब सून….

Posted On: 20 Oct, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

Others में

0 Comment

अरे जनाब ये सरकारी अस्पताल है!

Posted On: 13 Oct, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

Others में

0 Comment

कौन होगा जिम्मेदार…….

Posted On: 11 Oct, 2012  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

Others में

1 Comment

वक्त से लाचार हंसी के अलम्बरदार

Posted On: 21 Dec, 2011  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (2 votes, average: 4.50 out of 5)
Loading ... Loading ...

Others में

0 Comment

मंजिल

Posted On: 5 Oct, 2011  
1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

Others में

1 Comment

Page 4 of 5«12345»

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा: vikaskumar vikaskumar

के द्वारा: M. Afsar Khan M. Afsar Khan

के द्वारा: loveabhi loveabhi

के द्वारा: M. Afsar Khan M. Afsar Khan

के द्वारा: M. Afsar Khan M. Afsar Khan

ना उम्र की सीमा हो, ना जन्म का हो बंधन, जब प्यार करे कोई तो देखे केवल मन । बिलकुल सही ख़यालात हैं आपके । आपकी बात बिलकुल ठीक है कि प्यार तो माँ, बाप, भाई, बहन आदि किसी के भी लिए हो सकता है । और वैलेंटाइन डे भी ऐसे हर तरह के प्यार को अभिव्यक्त करने के लिए है, केवल लड़के-लड़की के रोमांटिक प्यार को अभिव्यक्त करने के लिए नहीं । लेकिन अफ़सोस, हमारे यहाँ आधुनिकता के रंग में रंगे बहुत-से युवा प्यार का मतलब न जानते हैं और न समझना चाहते हैं । उनके लिए तो मौज-मज़ा ही सब कुछ है । वे वैलेंटाइन डे को भी उसे रूप में देखते हैं । लेकिन जो सच्चा प्यार करने वाले अपने प्यार के इज़हार के लिए इस दिन को चुनते हैं, उन्हें नैतिकता के ठेकेदारों का क़हर झेलना पड़ता है । कभी-कभी लगता है कि हिंदुस्तान में नफ़रत करने का हक़ तो सबको है, प्यार करने का किसी को नहीं । इसीलिए हमारे यहाँ अब नफ़रत की ही फसल लहलहाती है, प्यार की नहीं ।

के द्वारा: Jitendra Mathur Jitendra Mathur

के द्वारा: yatindranathchaturvedi yatindranathchaturvedi

के द्वारा: afsarpathan afsarpathan

के द्वारा:

के द्वारा: afsarpathan afsarpathan

के द्वारा: afsarpathan afsarpathan

के द्वारा: yatindranathchaturvedi yatindranathchaturvedi




latest from jagran